बहराइच में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, मिहींपुरवा के सेमरी मलमला गांव स्थित स्वास्थ्य उपकेंद्र पर तैनात सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी पर लगे गंभीर आरोप सही पाए गए हैं। जांच में सामने आया है कि उपकेंद्र पर नाबालिग बच्चे से मरीजों का इलाज कराया जा रहा था। सरकारी दवाओं के बजाय बाहर की दवाएं देकर उनसे पैसे वसूले जा रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार, उपकेंद्र पर तैनात शरीफ अहमद लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां कर रहा था। आरोप है कि अपनी गैरमौजूदगी में वह एक किशोर से इलाज कराता था। सोमवार को गांव के एक युवक ने नाबालिग द्वारा इलाज करते और दवा के नाम पर पैसे लेते हुए वीडियो बनाया, जो वायरल हो गया। युवक का आरोप है कि सवाल करने पर संबंधित अधिकारी ने ऊपर तक रकम पहुंचाने की बात कही। इस मामले में जिलाधिकारी को भी कुछ ग्रामीणों ने वायरल वीडियो भेजकर शिकायत की थी।