बहराइच में भेड़िये के हमलों को लेकर फैली चिंता और चर्चाओं के बीच नवागंतुक प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) सुंदरेशा ने विशेष बातचीत में साफ कहा कि वन विभाग की प्राथमिकता दो टूक है “जान भी बचानी है और जानवर भी।” उन्होंने स्पष्ट किया कि भेड़िया नियंत्रण अभियान पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। स्थिति पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है। डीएफओ सुंदरेशा ने बताया कि बहराइच जिला सरयू नदी के कछार क्षेत्र में स्थित है, जहां गांवों के घरों से महज दो-तीन मीटर की दूरी पर गन्ने की खेती होती है। यह स्थिति भेड़ियों को छिपने और शिकार करने में मदद करती है। उन्होंने कहा कि खेतों की फसल और कछारी भू-भाग भेड़ियों के लिए प्राकृतिक आवरण बन जाते हैं, जिससे वे गांवों के बेहद करीब तक पहुंच जाते हैं। डीएफओ ने बताया कि भेड़िया निगरानी और नियंत्रण में ड्रोन बेहद कारगर साबित हो रहे हैं। ड्रोन के जरिए 24 घंटे लगातार निगरानी की जा रही है। इसके साथ ही संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की भी मदद ली जा रही है। उन्होंने कहा कि हमलों में कमी आई है, लेकिन जब तक विभाग पूरी तरह आश्वस्त नहीं हो जाता, तब तक अभियान जारी रहेगा।