लोग कर रहे हैं सैल्यूट
511 फीट लंबी इस कांवड़ को 62 लोहे के पोल पर बांधा गया है। जब यह तिरंगा कांवड़ किसी गांव या कस्बे से गुजरती है तो लोग खड़े होकर सैल्यूट करते हैं। यह केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि एक संदेश है-शिवभक्ति के साथ देशभक्ति भी हमारे रोम-रोम में बसी है।
साढ़े चार लाख रुपये की लागत से बनी कांवड़
इस विशाल कांवड़ को तैयार करने में करीब साढ़े चार लाख रुपये खर्च हुआ। इसमें सहयोग कर रहे हैं-नितेश कुमार, सचिन कुमार, गौरव, अनीत, नरेंद्र कुमार, शेखर आदि।
टीम रोजाना 10 से 12 किलोमीटर पैदल यात्रा कर रही है और महाशिवरात्रि (23 जुलाई) को पुरा महादेव मंदिर, बागपत में जलाभिषेक कर यात्रा का समापन करेगी।