बागपत जिले के बड़ौत में आशा कार्यकर्ता की रविवार रात सिर में हथौड़े से वार करके हत्या कर दी गई। उसका शव बड़ौत में पूर्वी यमुना नहर के पास निर्माणाधीन मकान में अर्धनग्न हालत में बोरे में बंद मिला। परिजनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की आशंका जताई।
यूपी के बागपत जिले के बड़ौत में सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां आशा कार्यकर्ता की बर्बरता से हत्या कर दी गई। उसकी लाश निर्माणाधीन मकान में बोरे में बंद मिली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। वहीं, परिजनों ने महिला के साथ हैवानियत करने की आशंका भी जताई।
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दरअसल, आशा कार्यकर्ता ने अपने बेटे को करीब ढाई बजे फोन किया था। उसने बेटे से कहा था कि मैं खल लेने जा रही हूं… और भूपेंद्र से उधार के पैसे भी ले आऊंगी। ये अंतिम शब्द थे आशा वर्कर के। जो उसने अपने बेटे सक्षम से कहे थे, मगर कुछ घंटे बाद उसकी जिंदगी चली गई और वह कभी वापस घर लौटकर नहीं आई।
आशा वर्कर के बेटे ने बताया कि उसकी मां 10 साल से पहले से स्वास्थ्य विभाग में कार्य कर रही थी। करीब ढाई बजे बागपत से ड्यूटी खत्म करके बड़ौत खल लेने के लिए निकलते हुए फोन पर मां से बातचीत हुई। वह कह रही थी कि खल लेने के बाद भूपेंद्र से उधार के पैसे लेकर थोड़ी देर में घर पहुंच जाऊंगी।
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करीब तीन बजे उनका फोन बंद हो गया। परिजनों का कहना है कि जब रात तक भी वह घर नहीं पहुंची तो पहले सभी फोन ऑन होने का इंतजार करते रहे। उम्मीद थी कि फोन ऑन होगा और उसकी अपनी मां से बात होगी, मगर उसको क्या पता था कि मां से दिन हुई बात उसकी आखिरी बातचीत थी। वह कभी मां की आवाज नहीं सुन सकेगा।
सास ने उधार दिए थे रुपये, आशा वर्कर से मांगने को कहा
परिजनों ने बताया कि आशा वर्कर की सास ने करीब दो महीने पहले निरपुड़ा गांव में भूपेंद्र को माता पूजन के दौरान 3500 रुपये उधार दिए थे। आशा वर्कर से उसकी सास ने भूपेंद्र से उधार दिए हुए रुपये मांगने के लिए कहा था, इसलिए ही आशा वर्कर वह रुपये लेने के लिए भूपेंद्र के पास गई थी। परिजनों ने हत्या में भूपेंद्र के साथ कई लोगों के शामिल होने की आशंका जताई है।
बड़ौत में आशा कार्यकर्ता की हत्या
बागपत जिले के बड़ौत में आशा कार्यकर्ता की रविवार रात सिर में हथौड़े से वार करके हत्या कर दी गई। उसका शव बड़ौत में पूर्वी यमुना नहर के पास निर्माणाधीन मकान में अर्धनग्न हालत में बोरे में बंद मिला। परिजनों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म की आशंका जताई।
उसके पति ने शामली के टिटौली के रहने वाले अपने मौसेरे भाई भूपेंद्र के खिलाफ मुकदमा कराया है, जिसको पुलिस ने शामली से गिरफ्तार कर लिया है। उसने हत्या की बात कबूल की है।
आशा वर्कर शनिवार दोपहर करीब 3 बजे पशुओं के लिए खल खरीदने बड़ौत की एक दुकान पर पहुंची थी। वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में वह खल खरीदते हुए भी नजर आई। दुकानदार को उसने बताया कि वह पति के मौसेरे भाई से 3500 रुपये लेने जा रही है और खल घर भिजवा देना।
इसके बाद वह रात 11 बजे तक घर नहीं पहुंची तो परिजन बड़ौत कोतवाली पहुंच गए। उसके पति के शक जताने पर पुलिस जांच करते हुए बड़ौत में पूर्वी यमुना नहर के पास भूपेंद्र के निर्माणाधीन मकान तक पहुंची।
बोरे में मिला अर्धनग्न हालत में आशा वर्कर का शव
मकान का दरवाजा बाहर से बंद था। जेसीबी से दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे तो बोरे में अर्धनग्न हालत में आशा वर्कर का शव मिला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दो चिकित्सकों के पैनल ने शव का पोस्टमार्टम किया और इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया।