सावन मास के दौरान अयोध्या में पवित्र सरयू नदी का तट कांवड़ियों के भारी सैलाब से उमड़ पड़ा है। भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के लिए हजारों श्रद्धालु यहां जल भरने पहुंचे हैं। पूरे क्षेत्र में 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' के जयकारे गूंज रहे हैं। कांवड़िए सरयू के पवित्र जल को अपने कांवड़ों में भरकर ले जा रहे हैं। यह जल वे गोंडा और बस्ती सहित आसपास के विभिन्न शिव मंदिरों में अर्पित करेंगे। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दौरान शिव भक्त पवित्र नदियों से जल लेकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। अयोध्या में सरयू नदी का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां से जल लेना कांवड़ियों के लिए आस्था का प्रतीक है। प्रशासन ने कांवड़ियों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं। सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रखी गई है। भक्तिमय माहौल और जयकारे सरयू तट पर सुबह से ही कांवड़ियों की भीड़ जुटने लगी थी। हर तरफ गेरुआ वस्त्रधारी श्रद्धालु नजर आ रहे थे। उनके मुख से लगातार 'बोल बम' और 'हर हर महादेव' के जयकारे निकल रहे थे। इन जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया है। यह दृश्य अयोध्या की धार्मिक महत्ता को और बढ़ा रहा है। शिव मंदिरों की ओर प्रस्थान सरयू से जल भरने के बाद कांवड़िए अपने गंतव्य की ओर रवाना हो रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु गोंडा और बस्ती के प्रसिद्ध शिव मंदिरों की ओर जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त, आसपास के अन्य छोटे-बड़े शिव मंदिरों में भी जलाभिषेक किया जाएगा। कांवड़ियों का यह जत्था कई किलोमीटर की यात्रा पैदल तय करेगा। उनकी आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा है