अयोध्या में शिक्षा के साथ स्किल डेवलपमेंट भी जरूरी है। शुक्रवार को चार राज्यों के कुलपतियों और शिक्षाविदों ने इस पर विमर्श किया। मौका था डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय में यूजीसी कॉन्फ्रेंस का। कॉन्फ्रेंस में उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता यूजीसी के पूर्व चेयरमैन प्रो. एम जगदीश कुमार ने की। उन्होंने कहा कि वर्तमान शिक्षा को नई एजुकेशन पॉलिसी के तहत जोड़ा गया है। इसमें शिक्षा के साथ कौशल प्रशिक्षण और उद्यम को एक साथ जोड़ने की आवश्यकता है। शिक्षा सिर्फ डिग्री प्राप्त करने के लिए ही न रह जाए, इसके लिए इंडस्ट्री और शिक्षण संस्थानों को आपस में समन्वय स्थापित कर काम करना होगा। तकनीकी प्रशिक्षण और कुशलता प्रशिक्षण संस्थानों को विशेष ध्यान देना होगा। नेशनल क्रेडिट फ्रेमवर्क के तहत शिक्षण संस्थानों को 50 प्रतिशत प्रैक्टिकल से छात्रों को जोड़ना होगा। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षण संस्थानों और इंडस्ट्रीज के बीच हुए रिक्त स्थान को भरने की दिशा में कदम उठाया गया है। स्थानीय स्तर पर उद्योगों को सपोर्ट करना होगा। इससे रोजगार सृजन में आसानी होगी। कौशल विकास और नवाचार को अपनाना होगा, तभी शिक्षा और रोजगार की मांग को पूरा किया जा सकेगा। रोजगार सृजन के क्षेत्र में युवाओं को अपने माइंड सेटअप में परिवर्तन करना होगा। नौकरियां ढूंढने के बजाय अपनी क्षमता के अनुरूप स्वयं रोजगार सृजन करने की दिशा में काम करना होगा। वर्तमान समय की मांग भी यही है।