महिलाएं हर क्षेत्र में आगे निकल रही हैं। हवाई जहाज से लेकर ई रिक्शा तक महिलाएं चला रही हैं। अयोध्या में ई रिक्शा चलाकर श्रद्धालुओं की सेवा के साथ अपने परिवार का पेट भी पाल रही हैं राधिका पांडेय। जी हां, इस वक्त रामनगरी में प्रयागराज महाकुंभ के लाखों श्रद्धालु रोजाना पहुंच रहे हैं। इनमें से ज्यादातर ट्रेनों के माध्यम से अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन पर आते हैं। ऐसे में ही शहर के धारा रोड की निवासी राधिका अपने ई रिक्शा से श्रद्धालुओं को अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम तक पहुंचा रही हैं। रोजाना सुबह ही वह अपने घर से निकल पड़ती हैं और देर शाम तक इस रूट पर ई रिक्शा का संचालन करती हैं। इसके माध्यम से उनकी 1500 से 2000 तक की कमाई प्रतिदिन हो जा रही है। परिवार का पेट पालने के लिए उनके समर्पण की मिसाल इस बात से भी परखी जा सकती है कि वह अपने साथ मासूम बेटे को भी रखती हैं। पति शहर के सिविल लाइन में चाय का स्टाल लगाते हैं और घर में बेटे की देखभाल करने वाला कोई नहीं। ऐसे में ई रिक्शा चलाते वक्त बेटे का भी ख्याल रखती हैं। देश विदेश से रामनगरी आने वाले श्रद्धालु राधिका के समर्पण और निष्ठा की तारीफ भी करते हैं। सबसे खास बात यह है कि राधिका ऐसे मौके पर निर्धारित से ज्यादा किराया नहीं वसूलती हैं। उनकी ओर से कैंट रेलवे स्टेशन से अयोध्या धाम तक उतना ही किराया लिया जाता है जो यातायात पुलिस की ओर से तय किया गया है। राधिका कहती हैं कि ई रिक्शा चलाकर वे अपने परिवार के पालन पोषण में पति की मदद कर रही हैं। इसमें उनको कोई संकोच भी नहीं होती है। इस तरह से ई रिक्शा वाली राधिका नारी शक्ति की मिसाल बनकर उभरी हैं।