अयोध्या में निर्मोही अखाड़े के महंत दिनेन्द्र दास ने उन्हें महंत पद से हटाए जाने और कार्तिक चोपड़ा को अखाड़े का प्रतिनिधि बनाए जाने के दावों को पूरी तरह निराधार और फर्जी बताया है। उन्होंने कहा कि जिस बैठक का हवाला दिया जा रहा है, वह विधिसम्मत नहीं थी और उसमें आवश्यक कोरम भी पूरा नहीं हुआ। दिनेन्द्र दास ने दावा किया कि अखाड़े के 13 पंच उनके साथ हैं, इसलिए उनके खिलाफ की गई कथित कार्रवाई का कोई संवैधानिक आधार नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठक होने का दावा भी गलत है और अखाड़े के संविधान के विपरीत किसी भी निर्णय को मान्यता नहीं दी जा सकती। महंत ने स्पष्ट किया कि वह अभी भी विधिवत महंत हैं और पूरे मामले में भ्रामक जानकारी फैलाई जा रही है।