यूपी के अयोध्या में कचहरी में हाल ही में हुई सुरक्षा चूक ने पुलिस-प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। पिछले दिनों शेड नंबर पांच में चार कारतूस और दो तमंचे मिलने के बाद कचहरी में खलबली मच गई थी। इसी शेड में 22 सितंबर 2007 को सीरियल ब्लास्ट हुआ था। इसके बाद कचहरी की सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की गई थी। तब सभी प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए थे, लेकिन समय बीतने के साथ सुरक्षा ढीली होती गई और डिटेक्टर शोपीस बनकर रह गए। तमंचे बरामद होने के बाद सोमवार को जब कचहरी खुली तो नजारा बिल्कुल बदला-बदला नजर आया। कचहरी में कुल पांच प्रवेश द्वार हैं, जिनमें से दो बंद हैं और बाकी तीन गेटों पर सघन चेकिंग की व्यवस्था की गई। हर व्यक्ति के बैग और गठरी की जांच की जा रही है। महिलाओं की जांच के लिए महिला पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया है। इस घटना को सुल्तानपुर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख मोनू सिंह की पेशी से भी जोड़कर देखा जा रहा है, हालांकि उस दिन वह पेशी पर नहीं आए थे। इस बीच एसपी सिटी चक्रपाणि त्रिपाठी ने बताया कि अधिवक्तागण पूरी तरह सहयोग कर रहे हैं और बिना जांच किसी को भी कचहरी में प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।