जल जीवन मिशन ने पाइप लाइन से घर-घर पानी पहुंचाने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये का काम शुरू कर उसकी सुध नहीं ली। सबमर्सिबल लगाकर और ओवरहेड टैंक बनाने के लिए गड्ढा खोदकर छोड़ दिया। पाल और भारापुर माफी गांव के लोग हैंडपंप से प्यास बुझा रहे हैं। ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत पाल में भारापुर माफी मझरा लगता हैै। दोनों गांव में पाइप लाइन से शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन ने अगस्त-22 में भारापुर माफी में काम शुरू किया। उसने बिजलीघर के निकट सबसे पहले सबमर्सिबल लगाया। इसकेेेे बाद ओवरहेड टैंक बनाने के लिए गड्ढा खोदा गया। जल जीवन मिशन के अधिकारियों ने दर्शाया कि इस योजना पर 149.54 लाख रुपये खर्च होंगे। दोनों गांवों में पानी पहुंचाने के लिए पाइप मंगा लिए। ग्रामीण बड़े खुश हुए कि अब उनको पाइप लाइन से शुद्ध पेयजल मिलेगा। काम शुरू होने के साथ ही ग्राम प्रधान अंजू सिंह चाैहान व दोनों गांवों के लोगों ने मिशन के अधिकारियों से कहा कि पाइप लाइन बिछाने से पहले ओवरहेड टैंक पूरा बनवा लें। इसके बाद पाइप लाइन बिछवाएं। उधर भारापुर माफी के कुछ लोगों नेे पाइप लाइन बिछाने पर आपत्ति जताई। जिसके बाद मिशन के अधिकारी और कर्मचारी काम शुरू करने के बाद नहीं लौटे। लिहाजा दोनों गांवों के लोग हैंडपंप या सबमर्सिबल से अपनी पेयजल की आपूर्ति कर रहे हैं। ग्राम प्रधान अंजू सिंह चौहान का कहना है कि उन्होंने कई बार उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया, लेकिन कोई नहीं सुन रहा हैै।