झाड़ियों में मिले अजगर ने वन विभाग के कर्मचारियों को काफी देर तक थकाया। रेस्क्यू कर रही टीम द्वारा मंगाए पाइप या बोरी में घुसने की बजाय वह मुंह खोल कर काटने का प्रयास करता। 45 मिनट की मशक्कत के बाद उसे स्थानीय किशोर व युवक की मदद से बोरी में बंद किया। कुमराला चौकी से कुछ दूर धनौरा मार्ग से 200 मीटर दूर बीते एक महीने से अजगर दिखाई दे रहा था। वह घरों के आस पास आ जाता था तो कभी नर्सरी में पहुंच जाता था। उसे पकड़वाने के लिए कई बार गुहार लगाई। मगर वन विभाग की टीम ने नहीं सुनी। सोमवार को वन विभाग के एसडीओ नरेश कुमार जोशी को फोन कर उनसे मांग की। उनके निर्देश पर वन दरोगा संतोष कुमार स्टाफ के शाह आलम, दीन दयाल को साथ लेकर पहुंचे। उसे रेस्क्यू करने के प्रयास में जुट गए। स्टिक और बोरी से अजगर को कैद करने का प्रयास किया, लेकिन वह काबू में नहीं आया। वह काफी आक्रोशित नजर आ रहा था। उसने पाइप में घुसने की बजाय उसी में ही दांत मारे। बोरी पर भी दांतों से वार किया। करीब 45 मिनट की कोशिश के बाद वह पकड़ में आ सका। वन दरोगा संतोष कुमार ने बताया कि अजगर को धनौरा रेंज के नाबला क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है।