रायबरेली-अयोध्या एनएच 330ए पर सिधियांवा से मंगौली तक निर्माणाधीन 2.8 किलोमीटर बाईपास सड़क कार्य दो वर्ष बीतने के बाद भी अधूरा है। इसी खंड पर बन रहे आरओवी रेलवे पुल का दूसरा स्टील गर्डर रखने की तैयारी पूरी है और शनिवार को रेलवे ब्लॉक मिलने की प्रबल संभावना जताई जा रही है। ब्लॉक मिलते ही इसी सप्ताह गर्डर चढ़ाने का काम पूरा किया जाएगा, जिससे बाईपास निर्माण की रफ्तार बढ़ेगी। अयोध्या-जगदीशपुर 60 किलोमीटर फोर-लेन और श्रीरामगंज चौराहे से रायबरेली तक 42 किलोमीटर सड़क निर्माण पहले ही पूरा हो चुका है। इसके विपरीत सिधियांवा–मंगौली बाईपास निर्माण कच्छप गति का शिकार है। 369 करोड़ की लागत से जगदीशपुर–रायबरेली 50.120 किलोमीटर सड़क निर्माण योजना में इस 2.8 किलोमीटर बाईपास पर 15 करोड़ की लागत से आरओवी तैयार किया जा रहा है। एक ओर का आरओवी तैयार है, दूसरी ओर फेब्रिकेशन पूरा हो चुका है। लखनऊ से रेलवे इंजीनियरिंग विभाग की टीम पहुंच चुकी है। क्रेन आने के बाद ब्लॉक जारी होने की संभावना और मजबूत हो गई है। आरओवी के दोनों ओर 450 मीटर सड़क भी बननी है। कार्य विलंब से भारी वाहन कस्बे के भीतर से गुजर रहे हैं। इससे रोजाना जाम और छोटे वाहनों की आवाजाही में दिक्कत होती है। ओवरलोड वाहनों के बढ़ते दबाव से दुर्घटनाओं की संख्या भी बढ़ी है और कई लोगों की जान जा चुकी है। कार्यदायी संस्था एसकेएस के प्रोजेक्ट मैनेजर आरवी सिंह ने बताया कि स्टील गर्डर तैयार है। ब्लॉक के लिए आवेदन किया गया है। क्रेन शनिवार को पहुंचने की संभावना है। ब्लॉक मिलते ही गर्डर को आरओवी पर शिफ्ट कर दिया जाएगा। इसके बाद सड़क निर्माण तेजी पकड़ लेगा और दिसंबर के अंत तक कार्य पूरा होने की उम्मीद है। निहालगढ़ स्टेशन अधीक्षक एलएल मीना ने भी शनिवार को ब्लॉक मिलने की संभावना जताई और कहा कि ब्लॉक मिलते ही दूसरे गर्डर की पुलिंग पूरी कर दी जाएगी।