गौरीगंज में शनिवार को प्रभारी मंत्री सतीश चंद्र शर्मा के नेतृत्व में निकली महिला जन आक्रोश रैली के दौरान हुई घटना ने सियासी माहौल गरमा दिया है। पुतला दहन के दौरान महिला थाना प्रभारी को एक युवक द्वारा खींचे जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पक्ष-विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। मनीषी महिला महाविद्यालय से निकली रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल थीं। रैली के दौरान विपक्ष का पुतला दहन किया जा रहा था। इसी बीच महिला थाना प्रभारी कंचन सिंह ने हस्तक्षेप कर पुतला जलाने से रोकने का प्रयास किया। जैसे ही वह आगे बढ़ीं, पीछे से एक युवक ने उन्हें खींचकर अलग कर दिया। घटना के दौरान मौके पर कुछ देर अफरातफरी की स्थिति बनी रही और लोगों के बीच हलचल मच गई। वीडियो वायरल होते ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा कि महिला पुलिस का अपमान करने वाले लोग किसी महिला का सम्मान नहीं कर सकते। ऐसी घटनाएं कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करती हैं। घटना के बाद पूरे जिले में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पुलिस अधीक्षक सरवन टी ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। मामले की जांच कराई जा रही है और जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी। सपा ने कानून व्यवस्था पर उठाए सवाल सपा जिलाध्यक्ष रामउदित यादव ने कहा कि यह घटना बेहद चिंताजनक है और इससे साफ है कि सत्ता पक्ष के लोग कानून व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में इस तरह की घटना प्रशासन पर दबाव का संकेत देती है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के नाम पर रैली निकालने वाले ही महिला पुलिसकर्मी का अपमान कर रहे हैं। सपा महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष गुंजन सिंह ने इसे महिला सम्मान से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजपा ने आरोपों को बताया निराधार भाजपा जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ल ने कहा कि घटना को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। किसी भी कार्यकर्ता की ओर से जानबूझकर दुर्व्यवहार नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि महिला हमारे लिए मातृशक्ति और सम्मान का प्रतीक है। भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष आशा बाजपेई ने कहा कि रैली शांतिपूर्ण थी और पुतला दहन के दौरान हुई हलचल को गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।