आवारा जानवरों के हमले से लोगों की मौतों का सिलसिला लगातार जारी है। तीन दिन पहले सांड के हमले में गंभीर रूप से घायल हुए बुजुर्ग की आज सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। बुजुर्ग की मौत के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने पशु विभाग और अमेठी प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के नवादा गांव का है जहां गांव के रहने वाले रामकृपाल वर्मा पर पर तीन दिन पहले आवारा सांड ने हमला कर दिया था। सांढ़ के हमले के बाद परिजन उसे लेकर एक निजी चिकित्सालय पहुंचे जहां उसका इलाज चल रहा था। आज सुबह इलाज के दौरान रामकृपाल की मौत हो गई। रामकृपाल की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में हड़कंप गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर इकट्ठा हो गए। पड़ोस में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला ज्ञानती सिंह ने कहा कि हमारे गांव में पिछले कई दिनों से सांड आतंक मचा रहा है। इसकी शिकायत ब्लॉक के अलावा 1076 पर भी की गई थी जिसके बाद टीम मौके पर पहुंची और बिना किसी कार्रवाई के वापस लौट गई। तीन दिन पहले सांढ़ ने राम कृपाल पर हमला किया था। जहां आज रामकृपाल की इलाज के दौरान मौत हो गई। वहीं, ग्राम प्रधान मेवालाल सरोज ने बताया कि मैं खुद सेक्रेटरी और वीडियो से मामले की शिकायत की थी इसके अलावा ग्रामीणों ने भी 1076 पर शिकायत की थी। ब्लॉक से एक टीम आई भी थी लेकिन उन्होंने सांड को नही पकड़ा और सिर्फ खाना पूर्ति करके चले गए जिसका कारण यह रहा की एक 60 वर्ष के बुजुर्ग की हमले में मौत हो गई।