अंबेडकरनगर में ऑनलाइन दस्तावेज पंजीकरण व्यवस्था के विरोध में बुधवार को जलालपुर रजिस्ट्री कार्यालय में दस्तावेज लेखकों ने जमकर प्रदर्शन किया और अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए। हड़ताली दस्तावेज लेखकों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार गंभीरता से विचार नहीं करेगी, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। दस्तावेज लेखकों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा लागू की जा रही ऑनलाइन दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण नियमावली के तहत सॉफ्टवेयर के माध्यम से पंजीकरण की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके अंतर्गत दस्तावेजों का पंजीकरण तथा प्रारूप का ऑनलाइन अनुमोदन सहायक महानिरीक्षक निबंध द्वारा अनिवार्य किए जाने का प्रावधान है। लेखकों का कहना है कि इससे उनकी आजीविका पर सीधा संकट खड़ा हो गया है और बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक बेरोजगार होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। दस्तावेज लेखक विनीत श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार की यह नीति उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार मनमाने ढंग से विभिन्न संस्थानों का निजीकरण कर रही है, जिसका खामियाजा आम जनता को भी भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने से दस्तावेज लेखकों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। हड़ताल के चलते रजिस्ट्री कार्यालय में आने वाले लोगों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैनामा कराने आए हंसवर निवासी एजाज ने बताया कि वह रजिस्ट्री कराने के लिए जलालपुर कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन यहां पहुंचने पर पता चला कि दस्तावेज लेखक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। उन्होंने कहा कि किसी को यह जानकारी नहीं है कि कामकाज कब तक सामान्य होगा, जिससे लोगों की समस्याएं बढ़ गई हैं।