अंबेडकरनगर: सरयू नदी का जलस्तर बृहस्पतिवार को खतरे के निशान को पारकर दो सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। जलस्तर बढ़ने से आलापुर तहसील क्षेत्र के मांझा कम्हरिया और आराजी देवारा क्षेत्र के चार मजरों में बाढ़ का पानी घरों के करीब पहुंच गया है। एक मजरे में नाव से आवागमन शुरू हो गया है जबकि तीन अन्य मजरों के मार्गों पर पानी भर जाने से ग्रामीणों को पानी के बीच से आवागमन करना पड़ रहा है। वहीं टांडा के माझा उल्टहवा के आधा दर्जन मजरों के अलावा नेहरूनगर, रौजा मीरानपुर समेत अन्य मोहल्लों में दो से तीन फिट तक भर गया है। लोगों ने अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना शुरू कर दिया है। प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी करते हुए सतर्कता बढ़ा दी गई है और बाढ़ राहत चौकियों व शरणालयों को तैयार किया जा रहा है। एक दर्जन गांव व कई मोहल्ले बाढ़ के पानी से घिरे, घरों में फंसे लोग टांडा तहसील क्षेत्र में सरयू नदी के दोनों ओर बाढ़ का असर दिखाई दे रहा है। टांडा शहर के बीच से गुजरे थेरुआ नाले से पानी किनारे पर बसे मोहल्लों तक पहुंच रहा है। कस्बे के नेहरूनगर में बाग तक पानी आ जाने से करीब 30 घरों में लोग फंस गए हैं। यहां के लोग अपने मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाकर चारे का प्रबंध करते नजर आए। इसके साथ पलायन की तैयारियां भी की गई हैं। रौजा मीरानपुर में काली माता स्थान तक पानी आ गया है। निचले इलाकों में बसे आधा दर्जन घरों में पानी घुसने से लोग दूसरों के मकान में शरण ले रहे हैं। हनुमान गढ़ी व महादेवा घाट में सीढि़यां डूब चुकी हैं और यहां 20 गोताखोरों के अलावा नावें मुस्तैद कर दी गई हैं। नदी के दूसरी ओर माझा उल्टहवा, माझा कला, केवटला, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ, अवसानपुर, केवटला, डुहियां तथा महरीपुर गांवों में पानी तेजी से घुस रहा है। प्रधान शिव प्रसाद ने बताया कि सभी गांव चारों ओर से पानी से घिर गए हैं और भीतर भी पानी तेजी से बढ़ रहा है। लोग अभी अपने घरों में हैं लेकिन यही हालात रहे तो सुरक्षित स्थानों पर पलायन करने को मजबूर होंगे।