पूनम संत महिला एवं विकास समिति ने शुक्रवार को ''वंदे मातरम – सामाजिक समरसता एवं राष्ट्रीय एकता मार्च–2026'' का आयोजन किया। राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम संत के नेतृत्व में हजारों महिलाओं ने इसमें भाग लिया। मार्च का उद्देश्य राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता की भावना को बढ़ाना था। मार्च के दौरान पूरा मार्ग वंदे मातरम और भारत माता की जय के नारों से गूंज उठा। हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लिए मातृशक्ति ढोल-नगाड़ों के साथ आगे बढ़ीं। वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के स्वरूप में सजी बेटियों ने मार्च में हिस्सा लिया। कुछ बेटियों ने भारतीय सेना, पुलिस, डॉक्टर और अधिवक्ता का रूप धारण किया। उन्होंने लगभग 25 मीटर लंबा राष्ट्रीय ध्वज लेकर मार्च निकाला। विशेष अतिथि हितपालस महाराज ने मार्च की सफलता पर पूनम संत को बधाई दी। उन्होंने सामाजिक एकता और राष्ट्रप्रेम मजबूत करने का संदेश दिया। महिलाओं की भूमिका और मार्च का उद्देश्य पूनम संत ने कहा कि राष्ट्र की एकता और अखंडता में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि वंदे मातरम भारत माता के प्रति श्रद्धा और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य सामाजिक भेदभाव मिटाकर सभी को एक सूत्र में जोड़ना है। साथ ही राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को जन-जन तक पहुंचाना है।