नवरात्र का पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि महिला शक्ति और सम्मान का प्रतीक भी है। अदालती कार्य के बीच महिला अधिवक्ता मानती हैं कि यह पर्व उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी और संवेदनशीलता का अहसास कराता है। शक्ति की साधना तभी सार्थक है जब समाज में महिलाओं को सुरक्षा, शिक्षा और सम्मान मिले। न्याय की राह पर बढ़ने के लिए यही सबसे बड़ा संकल्प है। आस्था, शक्ति और साधना के पावन अवसर पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की महिला अधिवक्ताओं ने अमर उजाला कार्यालय में संवाद में विचार साझा किए....