अलीगढ़ में मुहर्रम की 10वीं तारीख यानी 26 जून को निकलने वाले ताजिया जुलूस में जंजीरी मातम करने के बजाय रक्तदान होगा। ताजिया और अलम जुलूस में मानवता की सेवा से जोड़ने की अनूठी पहल शुरू की गई है। करबला के मुतवल्ली मुख्तार जैदी दी ने अपील की है कि मातम के दौरान बहने वाले खून के बजाय लोग रक्तदान करें, ताकि ज़रूरतमंद मरीजों की जान बचाई जा सके और इंसानियत का पैगाम मजबूत हो।