खैर के गांव भानेरा निवासी 51 वर्षीय राजुकमार पुत्र सरनाम सिंह की लंबी बीमारी के उपचार के दौरान मौत हो गई। गांव में शव पहुंचते ही हाहाकार मच गया। सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। राजकुमार को 1994 में दिल्ली सीआरपीएफ में पहली तैनाती मिली थी। स्थानांतरणों के बाद वह दिल्ली में ही वाटर कैरियर सिपाही के पद पर तैनात थे। राजकुमार पिछले एक साल से गंभीर बीमारी से ग्रसित थे और गाजियाबाद के यशोदा हॉस्पिटल में भर्ती थे। 23 मार्च की रात को उपचार के दौरान राजकुमार ने दम तोड़ दिया।