आगरा के खंदौली थाने में भगवद्गीता हाथ रखवाकर कसम खिलाने के बाद पिता के अंतिम संस्कार के लिए झगड़ रहे बेटों का विवाद सुलझाया गया। मामला खंदौली क्षेत्र के सैमरा गांव का है। यहां टीकाराम अपने परिवार और पिता डालचंद्र (90) के साथ रहता था। सोमवार को डालचंद्र की मौत हो गई। इसकी जानकारी पर यादराम अपने बेटों के साथ पहुंचा। यादराम और हाकिम सिंह के परिवार के लोग पिता के शव का पैतृक गांव में अंतिम संस्कार करना चाहते थे। मगर, टीकाराम सैमरा में ही अंतिम संस्कार पर अड़ गया। थाना प्रभारी ने बताया कि पिता के अंतिम संस्कार के लिए टीकाराम का कहना था कि पिता ने मरने से पूर्व उससे कहा था कि उसका अंतिम संस्कार गांव सैमरा में ही किया जाए। यादराम आदि उस पर हत्या का आरोप लगा रहे थे। सच जानने के लिए थाना प्रभारी ने भगवद्गीता मंगवाई। टीकाराम से कसम खाने के लिए कहा। टीकाराम ने हाथ रखकर कसम खा ली। इसके बाद छोटा भाई यादराम और उसके भतीजे मान गए। थाने पर राजीनामा लिखकर सैमरा चले गए। चार घंटे बाद वृद्ध का अंतिम संस्कार किया जा सका।