अनारकली, 450 साल पहले मुगलिया दौर का ऐसा रहस्यमय किरदार जिसे इतिहास ने मान्यता नहीं दी, लेकिन लैला-मजनूं, रोमियो-जूलियट की तरह सलीम-अनारकली के बीच मुहब्बत के किस्से-कहानियों में यह लगातार बनी रही। इसी काल्पनिक किरदार से जुड़ा आगरा के किले में सेना के कब्जे वाले हिस्से की ओर अनारकली का अहाता मौजूद है। यहां नीले रंग का बोर्ड लगा है, जिस पर अनारकली का अहाता दर्ज है। मुगलिया दौर की यह इमारत पूरी तरह से खंडहर हो चुकी है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण इसका अब संरक्षण कराएगा।