सूफी नाइट से पहले मंच पर सांस्कृतिक विविधता देखने को मिली। प्रयागराज के ईशान मिश्रा ने अपने इंटरनेशनल बैंड के साथ फ्यूजन म्यूजिक का तड़का लगाया। इसके बाद कथक नृत्यांगना सरिता यादव ने अपनी थिरकन से शास्त्रीय नृत्य की छटा बिखेरी। वहीं, उत्तराखंड से आए कलाकारों ने देवभूमि नृत्य नाटिका के जरिये पहाड़ों की समृद्ध परंपरा और लोक नृत्य का जीवंत प्रदर्शन किया।