वृंदावन के प्रसिद्ध श्री रंगनाथ मंदिर में धानुर्मास महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को भगवान रंगनाथ और मां गोदाम्मा का विवाहोत्सव वैदिक परंपरानुसार आयोजित किया गया। इस दौरान दक्षिण भारतीय वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि के साथ पूरा मंदिर परिसर गोदा रंगमन्नार भगवान की जयकार से गुंजायमान रहा। तीर्थनगरी के विशालतम श्री रंगनाथ मंदिर में अनवरत जारी मंगल उत्सवों की श्रृंखला में पौष माह में मनाए जाने वाले धानुर्मास महोत्सव का वैष्णव परंपरा में विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि लक्ष्मी स्वरूपा गोदाम्मा जी ने भगवान विष्णु को वर रूप में प्राप्त करने के लिए एक माह तक कठिन व्रत का निर्वहन किया था। वैष्णव संत विष्णुचित्त स्वामी के घर जन्म लेकर गोदाम्मा जी ने धनु संक्रांति से मकर संक्रांति तक भगवान विष्णु की उपासना करते हुए तिरुप्पवे स्त्रोत की रचना कर सस्वर पाठ किया था। इसी आस्था भाव के साथ मकर संक्रांति पर्व पर भगवान रंगनाथ और गोदाम्मा का दिव्य विवाहोत्सव आयोजित किया गया।