टोंक जिले में एक बार फिर से राजस्थान पुलिस पर गंभीर आरोप लगे है। कैबिनेट मंत्री कन्हैयालाल चौधरी के विधानसभा क्षेत्र में टोडारायसिंह-मालपुरा के डिग्गी पुलिस थाने में तैनात थानाधिकारी ओमप्रकाश और दो अन्य पुलिसकर्मियों पर दो युवकों को जबरन हिरासत में लेकर बेरहमी से मारपीट की है। आज पीपलू के पीड़ित परिवार ने किसान नेता जाकिर के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों के साथ टोंक जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय के घेराव कर थानाधिकारी और पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल टोंक जिले के पीपलू तहसील के बिजवाड़ी निवासी पीड़ित युवक अनीस ने बताया कि वो अपने भाई जहीर के साथ अपनी मालपुरा से पीपलू अपने गांव आ रहे थे। इसी दौरान डिग्गी थाना इलाके के धोली के पास पुलिस जवानों ने उनकों रोक लिया और पकड़कर पुलिस थाने ले गए। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने कहा कि बजरी के ट्रैक्टर पकड़वाओं नहीं तो तुम्हारा ट्रैक्टर लेकर आओ, जब हमने इनकार किया तो पुलिसकर्मी केदार, गिर्राज और सुरेश ने लात-घूसों से मारा, थानेदार ओमप्रकाश ने भी मारपीट की।
इसके बाद जब हमने हमारे भाई से बात की और उनको छुड़वाने के लिए पुलिस थाने बुलवाया तो पुलिसवालों ने छोड़ने के लिए 20 हजार रूपए मांगे, लेकिन बाद में 10 हजार रूपए थानाधिकारी ओमप्रकाश को दिए तब लेकर हमे छोड़ा। पुलिसकर्मी केदार और अन्य ने मेरे भाई जहीर को इतना बेरहमी से मारा की उसकी किडनी डैमेज हो गई है। गंभीर हालत में उसे टोंक अस्पताल लाया गया तो डॉक्टरों ने उसे जयपुर रेफर कर दिया, जहां उसकी जीवनरेखा अस्पताल में उपचार रहा है। वहीं किसान नेता जाकिर ने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो पूरे जिले के लोग एकजुट होकर भारी विरोध प्रदर्शन करेंगे और सड़कों पर उतर जाएंगे। वहीं टोंक सीओ राजेश विद्यार्थी ने कहा कि लोगों ने शिकायत की है, उच्चाधिकारियों को अवगत करवाएंगे जो भी दोषी होगा उस पर सख्त कार्रवाई होगी।