राजस्थान में चुनाव में 13 महीने बाकी है लेकिन कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख राजनीतिक दलों के दिग्गज अपने-अपने प्रभुत्व और वर्चस्व की स्थापना में जुट चुके हैं। भाजपा को विधानसभा में जीत चाहिए क्योंकि लोकसभा की 25 सीटों का भी रास्ता विधानसभा चुनाव से ही होकर निकलेगा। ऐसे में राजे और संगठन के बीच की दूरी कम करने के लिए भाजपा क्या रणनीति बना रही है, इसी पर चर्चा है। क्या राजस्थान भाजपा की अंतर्कलह खत्म होने जा रही है। कांग्रेस में जहां गहलोत-पायलट के बीच मतभेद जगजाहिर हैं। वहीं, बीजेपी में भी अब खेमेबाजी साफ तौर पर दिखाई देने लगी है। भले ही बाहरी तौर पर बयानों में बीजेपी के नेता एकजुटता की बातें करते हों, मगर असल में बीजेपी अपनी ही अंदरूनी गुटबाजी में उलझी है।