लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शुक्रवार को दो दिवसीय दौरे पर जोधपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान मीडिया से बातचीत में उन्होंने संसद में क्षेत्रीय भाषाओं के बढ़ते उपयोग और लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की।
ओम बिरला ने बताया कि संसद में पहली बार ऐसा व्यापक प्रयास किया गया है, जिसके तहत संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में सदस्य अपनी बात रख सकते हैं। उन्होंने कहा कि अब सांसद अपनी-अपनी मातृभाषा में अपने विचार प्रकट कर रहे हैं और उनका समानांतर अनुवाद भी 22 भाषाओं में उपलब्ध है। उन्होंने इसे विश्व में एक अनूठी व्यवस्था बताते हुए कहा कि इतनी भाषाओं का एक साथ अनुवाद भारत की संसद को विशिष्ट बनाता है और इससे सांसद अपने क्षेत्र की जनता से बेहतर तरीके से जुड़ पाते हैं।
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लोकसभा अध्यक्ष ने संसद की उत्पादकता का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछली अवधि में संसद की उत्पादकता 111 प्रतिशत रही, जो सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि आगे भी संसद में संवाद, चर्चा और स्वस्थ सहमति-असहमति बढ़ेगी, क्योंकि यही लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति है।
जोधपुर में आयोजित माहेश्वरी समाज के तीन दिवसीय महाकुंभ का जिक्र करते हुए ओम बिरला ने कहा कि सभी समाजों का विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने युवाओं से नवाचार, स्टार्टअप और उद्यमिता के माध्यम से 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को पूरा करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। गौरतलब है कि गृहमंत्री अमित शाह भी आज रात जोधपुर पहुंचने वाले हैं।