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बालोतरा-पुणे ड्रग्स कनेक्शन का भंडाफोड़: 1.96 किलो एमडी बरामद, 6 तस्कर गिरफ्तार; 3.92 करोड़ की खेप जब्त

Thu, 19 Feb 2026 08:38 PM IST
बालोतरा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलवर

राजस्थान और महाराष्ट्र के बीच फैले अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्करी नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है। बालोतरा पुलिस और पुणे पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एमडी ड्रग्स की बड़ी खेप जब्त कर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस पूरे ऑपरेशन में कुल 1 किलो 960 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 3 करोड़ 92 लाख रुपए बताई जा रही है।

इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि राजस्थान से महाराष्ट्र तक ड्रग्स की आपूर्ति का एक सुनियोजित नेटवर्क सक्रिय था, जो पिछले एक वर्ष से लगातार नशे का कारोबार चला रहा था।

गुप्त सूचना से शुरू हुई जांच, खुलता गया नेटवर्क
पूरे मामले की शुरुआत पुणे के खराड़ी क्षेत्र में संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर हुई। 3 फरवरी को पुलिस ने तड़के एक कार की तलाशी के दौरान दो युवकों के पास से 27 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद हुई। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी पिछले एक साल से राजस्थान से ड्रग्स मंगवाकर पुणे में सप्लाई कर रहे थे।

दोनों आरोपी पुणे में दुकानों की आड़ में नशे का नेटवर्क संचालित कर रहे थे। एक आरोपी की मोबाइल की दुकान थी, जबकि दूसरा भी व्यापार की आड़ में ड्रग्स वितरण करता था। पूछताछ के बाद जब कड़ियां जोड़ी गईं तो पुलिस को इस गिरोह के तार सीधे राजस्थान के बालोतरा और जोधपुर जिले से जुड़े मिले।

राजस्थान तक पहुंची जांच, मुख्य सप्लायर गिरफ्तार
जांच के आधार पर पुणे पुलिस की विशेष टीम राजस्थान रवाना हुई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से बालोतरा शहर की कृष्णा सिटी कॉलोनी में दबिश दी गई। यहां से पिराणी साईंयों की ढाणी, परेऊ (गिड़ा थाना क्षेत्र) निवासी रतनलाल जाट को गिरफ्तार किया गया।

आरोपी के कब्जे से 1 किलो 384 ग्राम एमडी ड्रग्स बरामद की गई। पुलिस के अनुसार रतनलाल ही पुणे में ड्रग्स की सप्लाई का मुख्य संचालक था। वह राजस्थान से मेफेड्रोन मंगवाकर महाराष्ट्र में वितरित करता था। जिला पुलिस अधीक्षक रमेश ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह पूरी कार्रवाई गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर की गई। उन्होंने कहा कि “नशे के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान की जा रही है।”

जोधपुर से भी जुड़े तार
जांच के दौरान जोधपुर जिले की लोहावट तहसील निवासी योगेश उर्फ मनीष बिश्नोई को पुणे से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 151 ग्राम एमडी ड्रग्स और मोबाइल फोन बरामद हुआ।

इसके अलावा उसके चचेरे भाई सचिन उर्फ एसके को भी गिरफ्तार किया गया, जो पुणे में वितरण में मदद करता था। पुलिस ने उसके पास से 4.65 लाख रुपए नकद और मोबाइल फोन बरामद किया। एक अन्य आरोपी अमित सुनील घुले निवासी मंजरी बुद्रुक, पुणे को 398 ग्राम एमडी के साथ गिरफ्तार किया गया। वहीं फरार चल रहे रामकरण जाट को 12 फरवरी को जोधपुर से गिरफ्तार किया गया। इस प्रकार अब तक कुल छह आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

‘ऑपरेशन विषभंजन’ के तहत बड़ी कार्रवाई

बालोतरा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन विषभंजन’ के तहत यह बड़ी सफलता मानी जा रही है। इस अभियान का उद्देश्य क्षेत्र में मादक पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह लगाम लगाना है। पुलिस के अनुसार आरोपी लंबे समय से सक्रिय थे और राजस्थान से ड्रग्स लाकर पुणे में स्थानीय तस्करों और नशेड़ियों को सप्लाई करते थे। सप्लाई के लिए वे निजी वाहनों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों का उपयोग करते थे, ताकि संदेह न हो।

एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज
सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। जब्त की गई ड्रग्स को सील कर विधिक प्रक्रिया के तहत सुरक्षित रखा गया है। मुख्य आरोपी रतनलाल जाट को आगे की पूछताछ और नेटवर्क की अन्य कड़ियों का खुलासा करने के लिए पुणे पुलिस अपने साथ ले गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है। जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य नाम भी सामने आ सकते हैं।

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समाज पर नशे का बढ़ता खतरा
इस पूरे प्रकरण ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि किस तरह छोटे शहरों से लेकर महानगरों तक नशे का जाल फैलता जा रहा है। युवा वर्ग को निशाना बनाकर संचालित किए जा रहे इस अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की यह कार्रवाई एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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