अलवर शहर में दिसंबर के आखिरी रविवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के मामलों का आपसी समझौते और राजीनामे के आधार पर निस्तारण किया गया।
जिला प्राधिकरण के सचिव मोहनलाल सोनी ने बताया कि यह 2024 की चतुर्थ लोक अदालत थी, जिसमें सिविल और अन्य प्रकार के मामलों का समाधान किया गया। इस दौरान वैवाहिक, बिजली और पानी संबंधित मामलों में भी राजीनामे किए गए। सचिव ने कहा कि लोक अदालत में कई मामले पहले ही निस्तारित हो चुके हैं और कई अन्य मामलों का भी निस्तारण किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत का उद्देश्य समझौते के आधार पर विवादों का समाधान करना है। इसमें किसी एक पक्ष की हार या जीत नहीं होती, बल्कि दोनों पक्षों के सहमति से मामले का निपटारा किया जाता है। इस प्रक्रिया में दोनों पक्षों के बीच बातचीत करवाई जाती है, और दोनों की सहमति के बाद ही मामले को लोक अदालत में लाया जाता है।
एक खास बात यह है कि जिन मामलों का लोक अदालत में निस्तारण होता है, उन पर अपील नहीं की जा सकती। इस प्रकार की अदालतों में ऐसे मामलों का भी निस्तारण होता है, जिनमें पक्षकार वर्षों से न्याय की उम्मीद लगाए हुए होते हैं और अब वे समाधान के लिए तैयार रहते हैं।