नाभा के गांव मेहस की किसान बेटी हरजिंदर कौर ने कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में 69 किलोग्राम वेटलिफ्टिंग इवेंट में सिल्वर मेडल जीता है। यह उनका दूसरा कॉमनवेल्थ मेडल है, इससे पहले उन्होंने 2022 में कांस्य पदक जीता था। उनकी इस उपलब्धि पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बधाई दी है और गांव में खुशी का माहौल है। हरजिंदर के भाई प्रितपाल सिंह ने बताया कि इस मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की है। मुकाबले से पहले हरजिंदर ने फोन पर गोल्ड या सिल्वर मेडल जीतने का विश्वास जताया था। उनका यह विश्वास सही साबित हुआ और उन्होंने देश व गांव का नाम रोशन किया। प्रितपाल सिंह ने कहा कि परिवार को बेटी को खेलों में भेजने के लिए आलोचना का सामना करना पड़ा था लेकिन परिवार ने हरजिंदर का पूरा साथ दिया और उनके सपनों को उड़ान देने के लिए ऋण भी लिया। पिता साहिब सिंह ने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण हरजिंदर ने बचपन से ही संघर्ष देखा। वह पांच किलोमीटर साइकिल चलाकर स्कूल जाती थीं और खेतीबाड़ी में भी मदद करती थीं। पशुओं के लिए चारा काटने जैसे शारीरिक काम ने उनकी बाजूओं को मजबूत बनाने में मदद की। हरजिंदर कौर वर्तमान में इनकम टैक्स विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। हरजिंदर के परिवार को उनकी ट्रेनिंग और डाइट के लिए पैसों का प्रबंध करने में काफी दिक्कतें आईं। पिता साहिब सिंह और भाई प्रितपाल सिंह ने बताया कि बेटी के सपनों को पूरा करने के लिए उन्होंने ऋण लिया। बचपन में हरजिंदर ने मेहस से नाभा के स्कूल तक करीब पांच किलोमीटर साइकिल चलाकर पढ़ाई की। वह स्कूल के साथ-साथ खेतीबाड़ी के कामों में भी अपने पिता की मदद करती थीं। पशुओं के लिए मशीन से चारा काटने का काम उनकी शारीरिक शक्ति बढ़ाने में सहायक रहा। कबड्डी से वेटलिफ्टिंग तक का सफर : हरजिंदर कौर ने खेलों में अपनी शुरुआत वेटलिफ्टिंग से नहीं, बल्कि कबड्डी से की थी। वह स्कूल में कबड्डी खेलती थीं और रस्साकसी के मुकाबलों में भी हिस्सा लेती थीं। पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी के वेटलिफ्टिंग कोच परमजीत शर्मा ने उनकी प्रतिभा को पहचाना। रस्साकसी में उनकी अच्छी मसल पावर देखकर कोच ने उन्हें वेटलिफ्टिंग के लिए प्रेरित किया। शुरुआत में लड़की होने के कारण शरीर पर बुरे असर की बात सुनकर वह निराश हुईं। लेकिन बाद में परिवार और कोच के समझाने पर उन्होंने दोबारा अभ्यास शुरू किया। हरजिंदर के पिता को उम्मीद है कि आने वाले समय में उनकी बेटी गोल्ड मेडल भी जरूर जीतेगी। उन्होंने 2022 में कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीतकर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया था। अब 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर उन्होंने देश और अपने छोटे से गांव का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता पर गांव मेहस में जश्न का माहौल है। हरजिंदर कौर अपनी खेल उपलब्धियों के साथ-साथ इनकम टैक्स विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर भी कार्यरत हैं।