स्थानीय डिस्पोज़ल रोड पर बने कूड़े के विशाल ढेर के खिलाफ 27 अक्टूबर से चल रहा अगवाड़ ख्वाजा बाजू के निवासियों का विरोध आखिरकार 23 दिन बाद सफल हुआ। बुधवार को नगर काउंसिल अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घोषणा की कि कूड़े के डंप के चारों ओर एक सप्ताह के भीतर पक्की दीवार बनाई जाएगी, जिसके भीतर ही रोज़ाना का कूड़ा जमा किया जाएगा। नगर सुधार नेता कमलजीत खन्ना ने कहा कि शहरवासियों का कौंसिल पर भरोसा उठ चुका है। उन्होंने चेतावनी दी कि,यदि एक सप्ताह के भीतर दीवार निर्माण और बचा हुआ कूड़ा पूरी तरह नहीं उठाया गया, तो 1 दिसंबर से दोबारा धरना शुरू किया जाएगा। लगातार विरोध के बाद आया समाधान सरपंच बलजिंदर सिंह के नेतृत्व में शुरू हुए इस विरोध में स्थानीय ग्रामीणों के साथ कई सामाजिक संगठनों ने भी भाग लिया। नगर कौंसिल ने पहले निजी ठेकेदार के माध्यम से कूड़ा उठाने की कोशिश की थी, लेकिन स्थायी समाधान न मिलने के कारण विरोध जारी रहा। 14 नवंबर को नगर सुधार सभा के सहयोग से शहरभर में प्रदर्शन मार्च निकालकर नगर कौंसिल का घेराव भी किया गया। समाधान न मिलने पर प्रदर्शनकारियों ने सफाई कर्मचारियों को डंपिंग साइट पर कूड़ा डालने से रोक दिया था। दीवार, टीन शेड और पक्का गेट बढ़ते दबाव के बीच नगर कौंसिल ने निम्न कदमों की घोषणा की डंप के चारों ओर पक्की दीवार का निर्माण, सड़क की ओर टीन की चादरें लगाने से दुर्गंध व गंदगी पर नियंत्रण, दाईं ओर पक्का गेट लगाने से आवारा पशुओं के प्रवेश पर रोक, प्रतिदिन कूड़ा एकत्र करने की प्रक्रिया सुनिश्चित होगी नगर कौंसिल के ईओ नरिंदर सिंह और एडीसी रुपिंदर पाल सिंह की अगुआई में पहुंची टीम ने कूड़ा समस्या को लेकर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान कौंसिल एमई अशोक कुमार, इंस्पेक्टर हरीश कुमार और अरुण गिल ने भी पूरी कार्रवाई में सहयोग दिया। ईओ ने अपनी टीम को प्रदर्शनकारियों के पास भेजकर कूड़ा अपने साथ ले जाने का भरोसा दिया और मौके पर नाप आदि ले कर शेड निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया। निरीक्षण के समय एडीसी (यूटी) के पीए रामप्रीत सिंह, जिंदरपाल धुवान, टोनी वर्मा, राज शर्मा और विजय गर्ग हीरा सिंह, जगमोहन सिंह,ग्रामीण मजदूर यूनियन (मशाल) के नेता मदन सिंह, क्रांतिकारी केंद्र पंजाब के महासचिव कंवलजीत खन्ना, नगर पार्षद सतीश पप्पू, पुरुषोत्तम खलीफा, टोनी वर्मा, जिंदर धीमान और सतनाम सिंह भी मौजूद रहे। ये था पूरा विवाद नगर कौंसिल ने डिस्पोज़ल रोड पर बड़े पैमाने पर कूड़े का डंप बना दिया था। इस ढेर पर रोज़ाना बेसहारा पशु जमा होकर गंदगी खाते और राहगीरों पर हमला कर उन्हें घायल कर देते थे। इसी दौरान अगवाड़ ख्वाजा बाजू के सरपंच बलजिंदर सिंह के एक बुज़ुर्ग रिश्तेदार को आवारा पशुओं ने गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना से गुस्साए सरपंच ने नगर कौंसिल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया और कूड़े का पहाड़ हटाने की मांग को लेकर सड़क बंद कर धरना लगा दिया। धरने पर स्कूलों के शिक्षक, बच्चे और बड़ी संख्या में शहरवासी भी पहुंचने लगे। इन्हें देखकर शहर के पार्षद और पार्षद पति भी अपनी नेतागिरी चमकाने मौके पर पहुंच गए, लेकिन जैसे ही धरनाकारियों ने विधायक के खिलाफ नारेबाज़ी करते हुए रोष मार्च निकालना शुरू किया, अधिकांश नेता मौके से खिसक गए। धरने के बीच भाजपा नेता गेजा राम ने मौजूदा विधायक को “फेल विधायक” तक कह दिया। इस पर विधायक के समर्थक पार्षद पति भड़क उठे और गेजा राम को रोकने की कोशिश भी की, लेकिन भाजपा नेता ने साफ आरोप लगाया कि शहर का विनाश विधायक ने ही किया है।