फरीदकोट की अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दलजीत कौर की अदालत ने फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में कथित नकल के मामले में गिरफ्तार 16 अभ्यर्थियों को नियमित जमानत दे दी। अदालत ने कहा कि जांच के उद्देश्य से आरोपियों को लगातार हिरासत में रखना आवश्यक है, ऐसा रिकॉर्ड से साबित नहीं होता। जमानत पाने वाले अभ्यर्थियों की पहचान सूरज कुमार, कुलवंत सिंह, गुरपिंदर सिंह, कुलदीप सिंह, गगनदीप सिंह, जसकरण सिंह, रिंकू, जसवीर सिंह, अक्षदीप सिंह, अमनदीप शर्मा, सतनाम सिंह, गौरव चौहान, मनप्रीत सिंह, लवप्रीत सिंह, कुलविंदर सिंह और गुरशवाक सिंह के रूप में हुई है। इनके खिलाफ साइबर क्राइम थाना फरीदकोट में 20 जुलाई को भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) और 112 तथा सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामला 19 जुलाई को बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज द्वारा आयोजित फार्मेसी ऑफिसर भर्ती परीक्षा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के जरिए कथित नकल से जुड़ा है। विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर कुछ अभ्यर्थियों के पास ब्लूटूथ रिसीवर और छोटे ईयरपीस मिलने का आरोप लगाया गया था। बचाव पक्ष के वकीलों ने अदालत में दलील दी कि कुछ आरोपियों के नाम मूल एफआईआर में शामिल नहीं थे और उन्हें बाद में नामजद किया गया। कुछ आरोपियों की व्यक्तिगत तलाशी में कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। वहीं, एफआईआर की सामग्री में कुछ आरोपियों के रोल नंबर भी दर्ज नहीं थे। सरकारी वकील सतनाम सिंह गिल ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामला सरकारी भर्ती परीक्षा में धांधली से जुड़ा है और जांच अभी जारी है। बचाव पक्ष के वकील मनदीप चानना ने बताया कि अदालत ने कहा कि आरोप गंभीर हैं, लेकिन केवल आरोपों की गंभीरता के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता। अदालत ने सभी 16 आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के निजी मुचलके और एक-एक जमानती पर रिहा करने के आदेश दिए।