जिला अदालत परिसर में लीगल एड डिफेंस काउंसिल( एलएडीसी) नीति के विरोध में 7 जुलाई से संघर्ष कर रहे वकीलों के धरने में बुधवार को पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद चरणजीत सिंह चन्नी शामिल हुए। उन्होंने वकीलों के आंदोलन का समर्थन करते हुए भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को संसद में मजबूती से उठाया जाएगा। धरने को संबोधित करते हुए चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि पहले आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद लोगों की कानूनी सहायता के लिए पैनल में से वकील उपलब्ध करवाए जाते थे, लेकिन अब सरकार ने एलएडीसी के तहत स्थायी नियुक्तियां कर उन्हें अपराधियों के मामलों की पैरवी का अधिकार दे दिया है। इससे वकालत पेशे से जुड़े लोगों के कामकाज पर गंभीर असर पड़ेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि इससे अपराधियों में कानून का डर भी कम होगा, क्योंकि उन्हें न तो निजी वकील की फीस की चिंता रहेगी और न ही मुकदमे की पैरवी के खर्च की। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गुरजगपाल सिंह ने बताया कि फरीदकोट में अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। इसके साथ ही क्रमवार भूख हड़ताल भी लगातार जारी है। उन्होंने कहा कि नीति वापस होने तक संघर्ष जारी रहेगा। इस दौरान चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा कि वकीलों के संघर्ष की आवाज संसद में बुलंद की जाएगी और उनकी मांगों के समर्थन में हर संभव प्रयास किया जाएगा। उनके साथ पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों समेत अन्य कांग्रेस नेता भी साथ रहे।