पंजाब में पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने के मामलों में आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (टीटीएच) का नाम फिर चर्चा में है। गुरदासपुर और अमृतसर में एएसआई की हत्याओं के बाद टीटीएच ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली है। जांच एजेंसियां पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी पर टीटीएच नेटवर्क चलाने का संदेह कर रही हैं। सूत्रों के अनुसार, शहजाद भट्टी पर्दे के पीछे से टीटीएच नेटवर्क को संचालित कर रहा है। वह सोशल मीडिया के जरिए भारत के युवाओं को निशाना बना रहा है। खासकर नशे के आदी युवाओं को पैसों और विदेश में बसने का लालच दिया जाता है। बाद में उनका उपयोग नेटवर्क फैलाने और दहशत का माहौल बनाने के लिए होता है। बुधवार को यूपी में एटीएस और एसटीएफ ने शहजाद भट्टी के 4 संदिग्ध गुर्गों को गिरफ्तार किया। ये आरोपी भाजपा कार्यालयों, अस्पतालों और स्कूलों में ब्लास्ट की साजिश रच रहे थे। जांच में सामने आया कि वे आईएसआई और गैंगस्टर आबिद जट्ट के संपर्क में थे। मार्च 2026 में हरियाणा में आरडीएक्स के साथ पकड़े गए एक आरोपी ने भी शहजाद भट्टी का नाम लिया था।