साउथ कैंपस में मंगलवार सुबह 8.45 बजे पीएचडी रिसर्च स्कॉलर ज्योति की करंट लगने से माैत हो गई। ज्योति जब बारिश के पानी में उतरे करंट की चपेट में आई तो उसकी दर्दनाक चीख सुनकर आसपास मौजूद कर्मचारी और छात्र दौड़ पड़े। लेकिन सड़क पर फैले करंट के कारण कोई भी तुरंत उसके पास जाने की हिम्मत नहीं जुटा सका।कुछ सेकंड तक सभी बेबस होकर देखते रहे। इसके बाद एक छात्र ने अपनी जान की परवाह किए बिना हॉकी स्टिक की मदद से उसे करंट वाले हिस्से से बाहर खींचा। उस समय तक ज्योति की सांसें चल रही थीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। घटनास्थल के पास मौजूद आउटसोर्स कर्मचारी वंश राज ने बताया कि सुबह बारिश के बीच अचानक तेज चीख सुनाई दी। उन्होंने देखा कि ज्योति सड़क पर गिर चुकी थी और उसके हाथ में मौजूद छाता दूर जा गिरा था। वह तुरंत उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन पानी में तेज करंट महसूस होते ही पीछे हटना पड़ा। उन्होंने बैग पकड़कर उसे खींचने की कोशिश की लेकिन सफल नहीं हो सके। तभी हॉकी का अभ्यास कर लौट रहे एक छात्र ने सूझबूझ दिखाते हुए हॉकी स्टिक से ज्योति को करंट वाले हिस्से से बाहर खींचा। इसके बाद दो अन्य छात्रों की मदद से उसे सुरक्षित स्थान पर लाया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, उस समय तक उसकी सांसें चल रही थीं। एंबुलेंस बुलाकर उसे तुरंत जीएमएसएच-16 ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।