पंजाब भाजपा ने अपनी नई संगठनात्मक टीम का गठन किया है। पार्टी आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अनुभवी नेताओं पर दांव खेल रही है। तजिंदर सिंह बिट्टू को प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसे भाजपा की दोआबा और जालंधर क्षेत्र में पकड़ मजबूत करने की रणनीति माना जा रहा है। भाजपा कांग्रेस की आंतरिक गुटबाजी और संगठनात्मक कमजोरी का लाभ उठाना चाहती है। बिट्टू कांग्रेस की राजनीति से पूरी तरह वाकिफ हैं। वह हर राजनीतिक दांव-पेंच को अच्छी तरह जानते हैं। हालांकि वह पंजाब की राजनीति से किनारा कर दिल्ली चले गए थे, भाजपा ने उन्हें पंजाब वापस भेजा है। कांग्रेस में रहते हुए बिट्टू प्रियंका गांधी के भरोसेमंद नेताओं में गिने जाते थे। पार्टी ने उन्हें कई महत्वपूर्ण चुनावी और संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी थीं। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी में सचिव रहते हुए उन्होंने रायबरेली जैसे प्रतिष्ठित संसदीय क्षेत्र में चुनावी प्रबंधन संभाला। वर्ष 2021 में उन्हें हिमाचल प्रदेश कांग्रेस का सह-प्रभारी नियुक्त किया गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2022 के हिमाचल विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की जीत में उनकी संगठनात्मक रणनीति की अहम भूमिका रही। इस सफलता के बाद कांग्रेस के भीतर उनका कद और बढ़ा था।