शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने पंजा साहिब साके के 100 वर्ष पूरे होने पर महान शहीदों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि भेंट की। उन्होंने कहा कि एक सदी पहले महान शहीदों ने अपनी कुर्बानियां देकर सिख पंथ के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय जोड़ा, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। एडवोकेट धामी ने कहा कि शहादत का मार्ग हर किसी के हिस्से नहीं आता, बल्कि यह गुरु की सेवा, सिमरन और नेक कर्मों से जुड़ी गुरु की अपार कृपा से प्राप्त होता है। गुरु साहिब ने सिखों के भीतर ऐसा अद्भुत जज्बा पैदा किया कि उन्होंने मृत्यु के भय को त्यागकर कौम की आन-बान और शान के लिए अपना जीवन कुर्बान कर दिया। गुरबाणी की पंक्ति 'सूरा सो पहचानिए जो लड़ै दीन के हेत, पुरजा पुरजा कटि मरै कबहू न छाडै खेत' का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि पंजा साहिब के शहीदों ने अपने प्राणों की परवाह किए बिना सिद्धांतों और कौम की गरिमा की रक्षा की। उन्होंने गुरु साहिब से समूची नानक नाम लेवा संगत पर मेहर और बख्शिश बनाए रखने की अरदास की। साथ ही सभी के जीवन में सुख-शांति, सरबत के भले और चढ़दी कला की कामना की।