पनबस और पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर यूनियन डिपो वन की ओर से जेलों में बंद साथियों की रिहाई और विभागीय मांगों को लेकर प्रदेश स्तर पर धरना देकर चक्का जाम किया गया। डिपो प्रधान हीरा सिंह ने बताया कि 28 तारीख के बाद यूनियन के कई साथियों पर धारा 307 सहित गंभीर मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया था। उन्होंने कहा कि 10 कर्मचारी अब भी संगरूर जेल में बंद हैं और उनकी रिहाई की मांग की जा रही है। यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गईं तो हड़ताल को अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि संघर्ष सिर्फ साथियों की रिहाई के लिए नहीं, बल्कि विभाग को निजीकरण और किलोमीटर स्कीम से बचाने के लिए भी है। डिपो में बसों, टायरों, बैटरियों और स्टाफ की कमी पर भी चिंता जताई गई।