सिखों के छठे गुरु, मिरी-पीरी के मालिक श्री गुरु हरगोबिंद साहिब के गुरियाई दिवस पर सचखंड श्री हरमंदिर साहिब (श्री दरबार साहिब) में श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक भावनाओं के साथ विशेष समागम आयोजित किया गया। इस अवसर पर रहिरास साहिब के पाठ के उपरांत भव्य दीपमाला और अलौकिक आतिशबाजी का आयोजन किया गया, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। रंग-बिरंगी रोशनी से पूरा परिसर जगमगा उठा। देश-विदेश से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने इस दिव्य दृश्य का आनंद लिया और गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक होकर आशीर्वाद प्राप्त किया। श्रद्धालु हरगुण कौर ने कहा कि गुरु हरगोबिंद साहिब ने मात्र 11 वर्ष की आयु में गुरुगद्दी संभाली और सिख पंथ को मिरी-पीरी का सिद्धांत दिया। उन्होंने दो तलवारें धारण कर आध्यात्मिक और सांसारिक जिम्मेदारियों के संतुलन का संदेश दिया तथा श्री अकाल तख्त साहिब की स्थापना करवाई।