बटाला रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान आठ वर्षीय बच्ची की मौत के बाद विवाद हो गया। बच्ची के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर कथित लापरवाही और गलत इलाज के आरोप लगाते हुए अस्पताल के बाहर धरना दिया और इंसाफ की मांग की। परिजनों का आरोप है कि कई दिनों तक अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगने के बावजूद उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिजनों ने लगाए आरोप वहीं, अस्पताल कर्मचारियों से मामले में पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। परिजनों के अनुसार, बच्ची को बुखार होने पर अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। उनका आरोप है कि बच्ची के सेल कम होने के कारण उसे सेल चढ़ाए गए, लेकिन यह प्रक्रिया कथित तौर पर महज 15 मिनट में पूरी कर दी गई। इसके बाद बच्ची की हालत बिगड़ने लगी। परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि बच्ची की हालत गंभीर होने के बावजूद वरिष्ठ डॉक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे और वीडियो कॉल के माध्यम से इलाज संबंधी सलाह दी जा रही थी। परिजनों का कहना है कि हालत बिगड़ने पर बच्ची को डीएमसी अस्पताल रेफर करने की बात कही गई, लेकिन दूसरे अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिवार ने अस्पताल प्रबंधन से जवाब मांगते हुए कार्रवाई की मांग की।