अकाली दल पुनर सुरजीत के नेताओं ने सोमवार को अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर के माध्यम से केंद्रीय गृह मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन पर आधारित फिल्म 'पंजाब 95' को बिना किसी कट-छांट के देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की मांग की। नेताओं ने कहा कि फिल्म को रोकना पंजाब के इतिहास और उससे जुड़े तथ्यों को सामने आने से रोकने जैसा है। मीडिया से बातचीत में पार्टी नेताओं ने कहा कि फिल्म में केवल जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन, उनके मानवाधिकार संबंधी कार्यों और उनसे जुड़े घटनाक्रम को दर्शाया गया है। उनका दावा है कि फिल्म में ऐसा कोई दृश्य नहीं है जिससे सामाजिक सौहार्द बिगड़ने या तनाव पैदा होने की आशंका हो। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के उन बयानों पर भी आपत्ति जताई, जिनमें फिल्म की रिलीज से पंजाब का माहौल प्रभावित होने की बात कही गई थी। नेताओं ने कहा कि देश में कई ऐतिहासिक और विवादित विषयों पर फिल्में रिलीज होती रही हैं, लेकिन पंजाब और सिख इतिहास से जुड़े मामलों में बार-बार आपत्तियां उठाई जाती हैं। उनका कहना था कि विदेशों में जसवंत सिंह खालड़ा के नाम पर संस्थान और सार्वजनिक स्थल हैं, जबकि पंजाब में उनके जीवन पर बनी फिल्म को ही रिलीज नहीं होने दिया जा रहा। ज्ञापन में तीन प्रमुख मांगें रखी गईं। पहली, 'पंजाब 95' को बिना किसी कट-छांट के रिलीज किया जाए ताकि नई पीढ़ी इतिहास से परिचित हो सके। दूसरी, खालड़ा मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व डीएसपी जसपाल सिंह को दोबारा गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। तीसरी, पंजाब के आतंकवाद प्रभावित दौर से जुड़े मामलों की सच्चाई सामने लाने और जिम्मेदार लोगों की पहचान के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। इस अवसर पर शहरी प्रधान मनिंदर सिंह धुन्ना, देहाती प्रधान दलजिंदरबीर सिंह विरक और मुख्य प्रवक्ता जगजीत सिंह कोहली ने कहा कि केंद्र सरकार को ज्ञापन पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।