मां शिप्रा के घाटों का हाल जानने निकले
- फोटो : अमर उजाला
एक ओर देश में आस्था का सैलाब प्रयागराज कुंभ में उमड़ रहा है। प्रयागराज सिंहस्थ में देश विदेश के श्रद्धालुओं द्वारा आस्था की डुबकी मां गंगा में लगाई जाएगी। वहीं, संत-महंत श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के लिए भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सरकार एवं उज्जैन जिला प्रशासन कमर कसकर तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के निर्देशानुसार मां शिप्रा के पावन तट पर त्रिवेणी घाट से लेकर केडी पैलेस तक 29.21 किमी लंबे घाटों का निर्माण किया जाना है। इसी क्रम में जिला कलेक्टर नीरज कुमार सिंह एवं जिला पंचायत सीईओ जयति सिंह तड़के घने कोहरे में त्रिवेणी घाट पहुंचे।
त्रिवेणी घाट पहुंचकर कलेक्टर सिंह व जिला पंचायत सीईओ सिंह ने नाव में सवारी कर पतित पावनी शिप्रा मैया के घाटों का निरीक्षण किया। कलेक्टर सिंह त्रिवेणी घाट से नाव में सवार होकर गऊघाट पहुंचे वहां से लालपुर ब्रिज रपट होते हुए भूखी माता घाट से रामघाट पहुंचे वहां मां शिप्रा का जलार्पण कर के डी पैलेस तक 29 किमी के घाटों का निरीक्षण किया।
निरीक्षण कर कलेक्टर सिंह ने जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री मयंक सिंह एवं अन्य संबंधित अधिकारियों को श्रद्धालुओं के आवागमन की सुविधा के लिए घाटों के चौड़ीकरण, घाटों के पहुंच मार्गों को पक्का कर सुविधायुक्त बनाना, श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुविधा के लिए घाटों की सीढ़िया को मापदंड के अनुसार चौड़ी बनाने, घाटों की स्वच्छता व साफ सफाई पर विशेष ध्यान देने व घाटों पर फिसलन से श्रद्धालु घायल न हो ऐसे मापदंडों के अनुसार डीपीआर जल्द तैयार करवाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कमांडेंट होमगार्ड संतोष कुमार जाट, एसडीओ जल संसाधन योगेश व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
निरीक्षण करते हुए
निरीक्षण करते हुए