मध्यप्रदेश में मऊगंज जिले के गडरा गांव में हाल ही में हुए नरसंहार ने एक बार फिर विवादों को जन्म दे दिया है। इस घटना में शनि द्विवेदी नामक युवक और पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रामचरण गौतम की मौत हुई थी। अब रीवा के पूर्व सांसद बुद्धसेन पटेल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर आदिवासी समुदाय की पैरवी करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो ने ब्राह्मण समाज में भारी नाराजगी पैदा कर दी है और लोग इसे जातीय हिंसा को बढ़ावा देने वाला बता रहे हैं।
मऊगंज के गडरा गांव में 15 मार्च 2025 को हुए इस खूनी संघर्ष की जड़ दो महीने पहले एक सड़क हादसे में अशोक कोल नामक आदिवासी की मौत थी। कोल परिवार ने इसे हत्या करार देते हुए शनि द्विवेदी को जिम्मेदार ठहराया था। इसी रंजिश के चलते होली के दिन आदिवासियों ने शनि को बंधक बनाकर उसकी हत्या कर दी। उसे बचाने पहुंची पुलिस टीम पर भी हमला हुआ, जिसमें ASI रामचरण गौतम शहीद हो गए। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बना हुआ है।
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वायरल वीडियो में बुद्धसेन पटेल कथित रूप से मऊगंज नरसंहार को ब्राह्मणों की हत्यारा बताकर इसे जायज ठहरा रहे हैं और पुलिस पर हमले को सही करार दे रहे हैं। वे ASI रामचरण गौतम को पुलिस का ब्राह्मण कहकर उनकी शहादत का कथित अपमान करते दिख रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इसे खुलेआम जातीय हिंसा भड़काने का प्रयास बता रहे हैं। ब्राह्मण संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है और पटेल के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है। दूसरी ओर, प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखते हुए जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने क्षेत्र में जातीय तनाव को और गहरा कर दिया है।