राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर में रहने वाले वारिस खान ने शिवपुरी जिले के एक शर्मा परिवार के 7 लोगों की जान बचाई। सड़क हादसे के बाद बहादुरी दिखाने वाले इस काम के लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वारिस को एक लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की है। वारिस के अनुसार, मुख्यमंत्री ने व्हाट्सएप पर उनसे बातचीत कर उनकी नगरपालिका की पुरानी नौकरी भी वापस दिलाने का वादा किया है।
जानकारी के मुताबिक, ब्यावरा शहर में प्लम्बर का कार्य करने वाले वारिस खान किसी काम से बुधवार की सुबह करीब 11 बजे बीनगंज की ओर जा रहे थे। उस दौरान उनकी आंखों के सामने एक हादसा हुआ, जिसमें शिवपुरी से भोपाल की ओर जा रही एक कार ब्रेक चिपकने की वजह से पलट गई और उसके गेट लॉक हो गए। मौके पर मौजूद वारिस ने बहादुरी दिखाते हुए अकेले गाड़ी को सीधा किया और अपने हाथों से कार के कांच तोड़कर उसमें फंसे सात लोगों को बाहर निकाला। उन्होंने उन सभी को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया। बताया जा रहा है कि अगर, वारिस ने इतनी तत्परता न दिखाई होती तो कार में मौजूद सात लोगों की दम घुटने से जान भी जा सकती थी।
मीडिया से बात करते हुए वारिस ने बताया, "बुधवार की सुबह करीब 11 बजे की बात है। मैं ब्यावरा से बीनगंज की ओर काम के लिए जा रहा था। उसी दौरान शिवपुरी की ओर से आ रही एक कार ने ब्रेक लगाए जो चिपक चुके थे। इससे गाड़ी पलट गई। मैंने अपनी बाइक एक तरफ खड़ी की और पलटे हुए वाहन की ओर दौड़ लगा दी। मैंने पहले गाड़ी के कांच फोड़े और दो बच्चों को बाहर निकाला। फिर गाड़ी को सीधा किया और उसमें फंसी दो महिलाओं और तीन पुरुषों को भी बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें अस्पताल पहुंचाया। वे लोग शिवपुरी के रहने वाले थे और भोपाल में जांच करवाने के लिए जा रहे थे। यह घटना ब्यावरा से करीब 7-8 किलोमीटर दूर पर्वघोड़ा पछाड़ के पास हुई।"