राजगढ़ जिले से एक दो नहीं बल्कि 5 से अधिक कियोस्क संचालकों से लाखों रूपये की ठगी करने का अनोखा मामला सामने आया है। जिसमें एक अज्ञात व्यक्ति के द्वारा कियोस्क सेंटर के संचालकों से नगद राशि वसूल कर उनके खातों में साइबर फ्रॉड की रकम डलवाई गई। जिसके बाद गुजरात साइबर सेल की टीम ने इन कियोस्क संचालकों के खातों में लीन लगाकर खाता होल्ड कर दिया।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का कियोस्क संचालन करने वाले पीड़ित हरिओम पिता गोपाल वर्मा के मुताबिक,27 जनवरी की दोपहर 12 से 1 बजे के बीच एक अज्ञात व्यक्ति उनके कियोस्क सेंटर पर आया और उनसे कहा कि मेरी मां अस्पताल में भर्ती है और मुझे पैसे की सख्त जरूरत है, आप मुझे कैश पेमेंट दे दीजिए में आपके खाते में पैसे डलवा देता हूं। उसने मेरे क्यूआर कोड के माध्यम से किसी को फोन लगाकर मेरे पीएनबी बैंक खाते में 66500 रूपये डलवाए, जिसके बाद मैंने उसे 66500 रूपये कैश दे दिए और संबंधित व्यक्ति के द्वारा डाली गई राशि को मेरे स्वयं वा अपनी भाभी के खाते में ट्रांसफर कर दिया।
लेकिन 29 जनवरी को मेरे वा मेरी भाभी के बैंक खाते में बैंक ने होल्ड लगा दिया। मैंने बैंक से जानकारी ली तो पता चला कि गुजरात राज्य की साइबर सेल ने मेरे खाते पर होल्ड लगाया है, क्योंकि जो राशि संबंधिक व्यक्ति के द्वारा मेरे खाते में डलवाई गई थी वह राशि साइबर फ्रॉड की थी। गौरतलब है कि संबंधित आरोपी के द्वारा केवल ब्यावरा शहर में संचालित होने वाले किसी एक कियोस्क सेंटर पर नहीं बल्कि 5 कियोस्क सेंटर पर इसी तरह की ठगी को अंजाम दिया है। हालांकि सामने आकर पांच लोगो ने एफआईआर दर्ज कराई है, जिसके CCTV वीडियो फुटेज भी कियोस्क संचालकों ने उपलब्ध कराए है, जिसमें संबंधित फ्राड व्यक्ति साफ तौर पर नजर आ रहा है।
वहीं उक्त मामले में ब्यावरा शहरी थाने की पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 318 (4) बीएनएस की धारा के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर मामला जांच में लिया है। ब्यावरा शहरी थाना प्रभारी वीरेंद्र धाकड़ ने बताया कि ब्यावरा शहर में कियोस्क संचालकों के पास एक अज्ञात व्यक्ति के द्वारा अलग-अलग बहाने बनाकर उनसे नगद राशि वसूल की गई और उनके खातों में फ्रॉड की हुई रकम डलवाकर उनसे कैश राशि प्राप्त की गई। जिसके बाद उनके खाते गुजरात राज्य की साइबर टीम ने होल्ड कर दिए। उक्त धोखाधड़ी के मामले में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अभी तक ब्यावरा शहरी थाने में 5 एफआईआर दर्ज की गई है,और मामला विवेचना में लिया गया है।