मैहर वन मंडल के अमरपाटन वन परिक्षेत्र अंतर्गत सुलखमा कुदरी वन बीट में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान जमकर विवाद हो गया। कार्रवाई के समय हालात इतने बिगड़ गए कि ग्रामीणों और वन कर्मचारियों के बीच तीखी झड़प हो गई। इस दौरान एक झोपड़ी में आग लग गई, जिसके बाद नाराज ग्रामीणों ने लाठी-डंडे लेकर वन अमले को दौड़ा लिया। स्थिति तनावपूर्ण होती देख वनकर्मियों को वाहन से मौके से निकलकर अपनी जान बचानी पड़ी।
वन भूमि पर अस्थायी निवास का मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार वंशरूप कोल और आशीष रावत के पास निजी जमीन नहीं है। बताया जा रहा है कि दोनों ने वन भूमि पर ईंटों से बाउंड्री बनाकर और तिरपाल तानकर अस्थायी रूप से निवास करना शुरू कर दिया था। इसकी सूचना वन विभाग को मिलने पर विभागीय टीम, जिसमें कर्मचारी संतोष सहित अन्य सदस्य शामिल थे, अतिक्रमण हटाने के लिए मौके पर पहुंची थी।
आग को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग आरोप
घटना के दौरान झोपड़ी में आग लगने से विवाद और बढ़ गया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की कार्रवाई के दौरान कर्मचारियों ने ही झोपड़ी में आग लगा दी, जिससे उनका घरेलू सामान जलकर खाक हो गया। वहीं वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि ग्रामीणों ने स्वयं आग लगाई और बाद में टीम पर हमला कर दिया। वनकर्मियों ने अपने साथ मारपीट और जान से मारने की कोशिश का भी आरोप लगाया है।
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क्षेत्र में तनाव, जांच के आदेश
घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी (रेंजर) प्रफुल्ल त्रिपाठी ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।