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Khargone News: कपास मंडी में सीसीआई खरीदी को लेकर फिर हंगामा, किसानों ने ट्रैक्टर अड़ाकर लगाया जाम

Mon, 29 Dec 2025 04:18 PM IST
खरगोन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, खरगोन

शहर के आनंद नगर स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी कपास मंडी में भारतीय कपास निगम (सीसीआई) की खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को एक बार फिर मंडी परिसर और मंडी गेट पर हंगामेदार स्थिति निर्मित हो गई। किसानों ने सीसीआई पर कपास खरीदी की लिमिट घटाने का आरोप लगाते हुए जोरदार प्रदर्शन किया और मंडी गेट पर ट्रैक्टर अड़ा कर जाम लगा दिया। इससे मंडी के अंदर और बाहर वाहनों की लंबी कतारें लग गई और आमजन व किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

किसानों का कहना था कि प्रति एकड़ पूर्व में तय मानक के अनुसार कपास खरीदी जानी चाहिए, लेकिन सीसीआई द्वारा केवल पांच क्विंटल कपास खरीदने का आश्वासन देकर शेष कपास लेने से इनकार किया जा रहा है। इसी बात को लेकर किसानों में आक्रोश भड़क उठा और खरीदी पूरी तरह प्रभावित हो गई। करीब दो घंटे तक मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।

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सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अपर कलेक्टर रेखा राठौड़, उप संचालक कृषि एसएस राजपूत, मंडी सचिव शर्मिला निनामा, सीसीआई अधिकारी गणेश धसकट सहित पुलिस बल ने किसानों से बातचीत कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। अधिकारियों ने लगभग एक घंटे तक किसानों से चर्चा की, लेकिन किसान अपनी मांगों पर अड़े रहे। सीसीआई के प्रतिनिधियों के सामने किसानों ने अपनी आपत्तियां दर्ज कराई।

किसानों का आरोप है कि सीसीआई की खरीदी प्रक्रिया शुरू से ही जटिल और विवादों से भरी रही है। पहले स्लॉट बुकिंग को लेकर परेशान किया गया और अब खरीदी लिमिट घटाकर किसानों की परीक्षा ली जा रही है। किसान कमलेश पाटीदार ने आरोप लगाया कि सीसीआई में कथित व्यापारी किसानों के नाम पर कपास बेच रहे हैं, लेकिन मंडी प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

इस संबंध में अपर कलेक्टर रेखा राठौड़ ने बताया कि सीसीआई द्वारा अब तक करीब 7 लाख क्विंटल कपास की खरीदी की जा चुकी है, जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है। उन्होंने कहा कि लिमिट तय करने की बात जरूर सामने आई थी, लेकिन किसानों के विरोध के बाद नियमों के अनुसार पंजीकृत किसानों का कपास खरीदा जाएगा। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद नीलामी प्रक्रिया फिर से शुरू कराई गई।

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