भूविज्ञान एव खनन विभाग को सिहोरा क्षेत्र के महगवां तथा केवलारी क्षेत्र में सर्वे के दौरान आयरन ओर के साथ सोने के अयस्क भी मिले हैं। जियोलॉजिट द्वारा किए गए सर्वे की रिपोर्ट माइनिंग कॉरपोरेशन भोपाल को भिजवा दी गई है।
भूविज्ञान एव खनन विभाग के जिला अधिकारी अशोक राय के अनुसार उनके विभाग के जियोलॉजिस्ट टीम ने गत दिनों सिहोरा तहसील के महगवां तथा केवलारी माइनिंग एरिया का सर्वे किया था। महगवां तथा केवलारी माइनिंग एरिया के 61 हेक्टेयर क्षेत्र में आयरन ओर के साथ सोने के अयस्क भी पाए गए हैं। जियोलॉजिट टीम ने क्षेत्र में होने के अयस्क होने की संभावना व्यक्त करते हुए अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट माइनिंग कॉरपोरेशन भोपाल को भेज दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर माइनिंग विभाग आगे की नीति निर्धारित करते हुए खनन के संबंध में निर्णय लेगी। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार क्षेत्र में न्यूनतम मात्रा के सोने के अयस्क पाए गए हैं।
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सिहोरा तहसील के जिस क्षेत्र में जियोलॉजिस्ट टीम को सोने के अयस्क मिले हैं वह बेला तथा विनेकी ग्राम पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। क्षेत्र में निवासरत नागरिक भी इस संबंध में जानकारी मिलने पर आश्चर्यचकित है। उनका कहना है कि क्षेत्र में संचालित माइंस में आयरन ओर पाया जाता था। पहली बार सोने के अयस्क होने पुष्टि प्रारंभिक सर्वे में हुई है। इसके कारण क्षेत्र के महत्व में बढ़ोतरी होगी तथा लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।
क्षेत्र से लगे हुए कटनी जिले के ढीमरखेड़ा क्षेत्र में इमलिया गोल्ड और बेस मेटल ब्लॉक परियोजना संचालित हो रही है। कटनी जिले के खनिज अधिकारी रत्नेश दीक्षित ने बताया कि इमलिया गोल्ड खदान को 50 साल की लीज पर दिया गया है। जबलपुर जिले का मोहगांव तथा केवलारी क्षेत्र भी उससे लगा हुआ है। जिसके कारण उक्त क्षेत्र में भी सोने के अयस्क पाए गए हैं।