दमोह-कटनी स्टेट हाइवे पर कुम्हारी थाना क्षेत्र में रविवार रात एक अज्ञात वाहन ने चीतल को टक्कर मारकर घायल कर दिया। चीतल कुछ देर जिंदा रहा उसके बाद मौत हो गई। सोमवार सुबह वन विभाग ने चीतल का अंतिम संस्कार किया और अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी।
जानकारी के अनुसार, सागौनी वन परिक्षेत्र के अंतर्गत पड़री गांव में दमोह-कटनी मुख्य मार्ग पर रविवार रात करीब आठ बजे एक चीतल को किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारकर घायल कर दिया। चीतल घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा हुआ था। इसी दौरान दमोह से कुम्हारी लौट रहे स्थानीय युवक पवन राय की नजर चीतल पर पड़ी। उन्होंने अपने साथी की मदद से घायल चीतल को सड़क से अलग किया और शरीर पर हाथ फेरकर उसे सराहा।
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इसी दौरान घायल चीतल ने जंगल में छलांग लगा दी, जिसके बाद बीट गार्ड राकेश खरे और वन विभाग की टीम को सूचित किया गया। वन कर्मियों जंगल से उसका रेस्क्यू किया और उपचार के लिए ले जाते वक्त उसकी मौत हो गई। सोमवार सुबह चीतल का पोस्टमॉर्टम किया गया। सगोनी रेंजर अखिलेश चौरसिया ने बताया, पीएम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया है कि चीतल की मौत सिर में आई गंभीर चोट के कारण हुई है। चीतल का अंतिम संस्कार किया गया है।
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छतरपुर जिले से लगा है सागोनी
वन परिक्षेत्र का काफी हिस्सा छतरपुर जिले के जंगल से लगा हुआ है। यहां बड़ी संख्या में चीतल के अलावा अन्य जंगली जानवर हैं। इसमें तेंदुए भी शामिल है। छतरपुर जिले के जंगल से होते हुए जानवर यहां पहुंच जाते हैं। पिछले दो साल में दो तेंदुओं की मौत भी सागौनी बन परिक्षेत्र में हुई है। एक तेंदुए की मौत गाय का शिकार करते समय करंट की चपेट में आने से हुई थी। बिजली का तार जमीन पर पड़ा था, जिसकी चपेट में तेंदुआ आया था। वहीं, एक तेंदुए की मौत ग्रामीणों के हमले में हो गई थी। सागोनी वन परिक्षेत्र में रहने वाले चीतल किसानों के खेतों में आए दिन देखे जाते हैं।