लखनऊ मैनेजमेंट एसोसिएशन की ओर से शहीद पथ स्थित एक होटल में ‘श्रम शक्ति नीति 2025 और लेबर कोड्स’ विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में नए श्रम नियमों को लागू करने और उनके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम में लेबर कमिश्नर मार्कण्डेय शाही ने बताया कि प्रदेश में 32,667 फैक्ट्रियां और करीब 9.5 लाख व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं, जिनमें क्रमशः 37 लाख और 41 लाख श्रमिक कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा कार्यबल असंगठित क्षेत्र में है, जो कुल श्रम शक्ति का 81 प्रतिशत है। इसमें अकेले 1.93 करोड़ निर्माण श्रमिक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इस विशाल अनौपचारिक श्रम बल को औपचारिक दायरे में लाना और सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना प्रदेश के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। कार्यक्रम में उद्योग, श्रम और प्रबंधन क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञ भी मौजूद रहे।